Phyllanthus Niruri, जिसे आमतौर पर कीलानेली, भूमि आंवला या भुई आंवला कहा जाता है, एक औषधीय पौधा है जो लगभग 50 से 70 सेमी की ऊंचाई तक बढ़ता है। इसका उपयोग आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज में सदियों से किया जा रहा है। यह पौधा विशेष रूप से यकृत (लिवर), किडनी और त्वचा संबंधी रोगों के लिए जाना जाता है।
मुख्य लाभ:
नाक से खून आना और अत्यधिक मासिक स्राव जैसी रक्तस्राव की समस्याओं में लाभकारी।
त्वचा रोगों के उपचार में सहायक इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण।
इसके तेल से बालों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।
आंतरिक और बाहरी सूजन में राहत के लिए उपयोगी।
किडनी की पथरी को निकालने में प्रभावी पारंपरिक उपाय।
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर और किडनी को स्वस्थ रखते हैं।
मधुमेह रोगियों के लिए यह ब्लड शुगर कम करने में मदद कर सकता है।
पेट के अल्सर के इलाज में भी इसका उपयोग किया जाता है।
सेवन विधि:
1/2 चम्मच कीलानेली पाउडर को 100 मि.ली. पानी में मिलाकर उबालें। छानकर भोजन से पहले दिन में दो बार पिएं।
पीलिया से राहत के लिए कीलानेली पाउडर को इलायची, हल्दी और प्याज के साथ पीसकर दूध या छाछ के साथ खाली पेट सेवन करें।














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