बहेड़ा, जिसे संस्कृत में विभीतक कहा जाता है, का वानस्पतिक नाम Terminalia Bellirica है। यह एक बहुउपयोगी आयुर्वेदिक फल है जो भारत सहित दक्षिण एशिया के वनों में पाया जाता है। बहेड़ा को त्रिफला में प्रमुख स्थान प्राप्त है और यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ त्वचा, बाल और पाचन संबंधी समस्याओं में भी अत्यधिक उपयोगी है।
स्वास्थ्य लाभ:
बहेड़ा में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बायोटिक और एंटी-हिस्टामाइन गुण होते हैं जो सर्दी, खांसी, जुकाम और गले की खराश जैसे श्वसन रोगों में लाभकारी हैं।
यह ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी स्थितियों में राहत देता है।
त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर चेहरे को साफ करता है और रोमछिद्रों को शुद्ध करता है।
झुर्रियां, दाग-धब्बे और डार्क सर्कल जैसी उम्र की निशानियों को कम करता है।
बालों से संबंधित समस्याएं जैसे डैंड्रफ, खुजली और संक्रमण को दूर करता है।
बालों के झड़ने और टूटने को रोकता है।
मासिक धर्म के दौरान ऐंठन को कम करता है।
मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है।
पेट के अल्सर और पाचन समस्याओं में भी सहायक है।
सेवन विधि:
3 से 6 ग्राम सूखे बहेड़ा फल का चूर्ण लेकर पानी या शहद के साथ दिन में दो बार सेवन करें।














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