सूखे मणत्तक्काली वथल, जिसे हिंदी में बड़ी कटेरी के नाम से जाना जाता है, का वैज्ञानिक नाम Solanum nigrum है। यह एक बेलनुमा पौधा है जो भारत सहित अफ्रीका, इंडोनेशिया, चीन, हवाई और मेडागास्कर जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। यह पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है और आयुर्वेद में लंबे समय से उपयोग किया जाता रहा है।
इसे यूरोपियन बिटरसवीट, यलो बेरीड नाइटशेड, क्लाइम्बिंग नाइटशेड, थाई ग्रीन एगप्लांट आदि नामों से भी जाना जाता है।
स्वास्थ्य लाभ:
पेट और मुंह के छालों के उपचार में सहायक।
उच्च रक्तचाप और हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में मददगार।
पीठ दर्द, मांसपेशियों के दर्द और गाउट में राहत प्रदान करता है।
नियमित सेवन ऊर्जा बढ़ाने और आयु बढ़ाने में सहायक है।
लीवर के कार्य को बेहतर बनाता है।
फाइबर से भरपूर होने के कारण यह एक प्राकृतिक रेचक की तरह कार्य करता है और कब्ज से राहत दिलाता है।
वात रोग और खून की कमी (एनीमिया) के उपचार में लाभकारी।
पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे अम्लपित्त, बवासीर, यकृत और प्लीहा की वृद्धि, कृमि संक्रमण व कोलाइटिस में उपयोगी।
सेवन विधि:
सूखे मणत्तक्काली वथल का पाउडर आवश्यक मात्रा में लेकर उसमें शहद और घी मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें। यह एनीमिया में विशेष रूप से लाभकारी है।













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