कंदनकथिरी (कांतकारी) का वैज्ञानिक नाम Solanum Surattense है, जो सोलनेसी परिवार से संबंधित है। कंदनकथिरी एक सीधी बढ़ने वाली हर्ब है जो 50 से 70 सेमी तक ऊंची होती है। यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो एशिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व मलेशिया की मूल निवासी है। कंदनकथिरी के अनेक औषधीय गुण हैं जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में सहायक हैं।
रात की छाया (नाइटशेड) के अन्य सामान्य नामों में सुराटेनसे नाइटशेड, इंडियन नाइटशेड, पीला फल वाली नाइटशेड, क्सुद्रा, कांतकारिका, धावनी, थाई ग्रीन एगप्लांट, मुलका, चिन्मुलका, वाकुडु आदि शामिल हैं।
स्वास्थ्य लाभ:
कंदनकथिरी पत्ते का पाउडर मांसपेशियों के ऐंठन और दर्द को कम करने में मदद करता है।
यह बाल झड़ने को रोकने और बालों की वृद्धि को बढ़ावा देने में सहायक है।
कंदनकथिरी पाउडर खांसी और जुकाम के इलाज में उपयोगी है।
पेट में हानिकारक कीड़ों को दूर करने में मदद करता है।
जोड़ों के दर्द को कम करता है।
वात, कफ और पित्त तीनों दोषों को संतुलित करने में सहायक है।
अस्थमा के इलाज में लाभकारी।
फेफड़ों से अतिरिक्त बलगम को निकालने में मदद करता है।
शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक।
खुराक:
आवश्यक मात्रा में कंदनकथिरी पाउडर को शहद या पानी में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें ताकि पाचन तंत्र स्वस्थ रहे।
5 ग्राम कंदनकथिरी पाउडर को 100 मिली पानी में मिलाकर कुछ मिनट तक उबालें। इस मिश्रण को दिन में दो बार पिएं। यह खांसी और जुकाम में राहत देता है।














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