राववोल्फिया सर्पेंटीना, जिसे भारतीय स्नेकरूट भी कहा जाता है, यह एपोसीनेसिया परिवार का एक सदाबहार झाड़ीदार पौधा है जो लगभग 60 सेंटीमीटर ऊँचा होता है। यह पौधा भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशियाई देशों में पाया जाता है। इसके हल्के भूरे रंग की जड़ें और पतली तीन-गुना पत्तियाँ होती हैं। सर्पगंधा की जड़ों का सदियों से भारत में उपयोग किया जाता रहा है, जिनमें शांतिदायक, रेचक और रक्तचाप नियंत्रण करने वाले गुण पाए जाते हैं।
स्वास्थ्य लाभ:
सर्पगंधा का सेवन महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी दर्द और रक्तस्राव को नियंत्रित करता है।
भारतीय स्नेकरूट पाउडर सांप के काटने और अन्य कीट के काटने के इलाज में प्रभावी है।
यह उच्च रक्तचाप को कम करने और नियंत्रित करने के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय है।
सर्पगंधा की जड़ें नींद लाने वाली होती हैं जो तंत्रिका तंत्र को शांति प्रदान करती हैं।
फोड़े, खुजली और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बेहतर औषधि है।
यह आंखों की कॉर्निया की धुंध को दूर करने में मदद करता है।
वात दोष को संतुलित कर चिंता के लक्षणों में लाभकारी है।
मानसिक विकार और तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याओं के इलाज में सहायक।
उपयोग की विधि:
आंतरिक उपयोग:
5 ग्राम सर्पगंधा पाउडर को 100 मिलीलीटर पानी में मिलाकर कुछ मिनट उबालें। मिश्रण को छानकर दिन में दो बार भोजन से पहले सेवन करें।
बाह्य उपयोग:
जरूरत अनुसार पाउडर को पानी के साथ मिलाकर लेप बनाएं और आंखों पर लगाएं। यह कॉर्नियल धुंध को दूर करने में मदद करता है।












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