बीटरूट में उपस्थित ‘बीटासाइनिन’ नामक पौधों के रंगद्रव्य के कारण इसका गहरा जामुनी-लाल रंग होता है। यह सब्ज़ी लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और आयरन की कमी को दूर करने में सहायक मानी जाती है। बीटरूट को कच्चा, जूस में मिलाकर, स्मूदी में या पका कर व अचार के रूप में खाया जा सकता है। बीज बोने का सर्वोत्तम समय अगस्त से अक्टूबर तक होता है।
कैसे बोएं:
मिट्टी को गोबर की खाद के साथ अच्छे से मिलाएं।
बीजों को आधा इंच गहराई में और 1-2 इंच की दूरी पर लगाएं।
हल्का पानी छिड़कें और मिट्टी में नमी बनाए रखें।
बीटरूट सेहत के लिए फायदेमंद और घर के बगीचे में उगाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।





Reviews
There are no reviews yet.